अपठित पद्यांश – Apathit Padyansh in Hindi Grammar

अपठित पद्यांश – Apathit Padyansh in Hindi   अपठित पद्यांश को हल करने हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश –   — अपठित पद्यांश का शीर्षक कविता का शीर्षक होता है। — जिस विषय पर सम्पूर्ण पद्यांश केन्द्रित होता है, वह शीर्षक होता है। जिसकी सीमाएँ 1 से 5 शब्द तक होती है। …

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अपठित गद्यांश किसे कहते हैं। Apathit Gadyansh in Hindi

अपठित गद्यांश – Apathit Gadyansh in Hindi Grammar   अपठित गद्यांश गद्य साहित्य का ऐसा अंश है जिसे पहले पढ़ा नहीं गया हो, जो निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों में संकलित नहीं हो।   उस अपठित गद्यांश की भाषा कठिन नहीं होती, अपितु प्रेरणात्मक सामाजिक परम्पराओं से युक्त होती है। जिसे आसानी से …

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पल्लवन ( Pallawan ) – हिन्दी व्याकरण

पल्लवन – Pallawan in Hindi   हिन्दी रचना शास्त्र में पल्लवन से तात्पर्य भाव-विस्तार से लिया जाता है जिसे वृद्धीकरण या संवर्द्धन भी कह सकते हैं। यह संक्षिप्तीकरण से बिल्कुल विपरीत होता है।   इसमें प्रस्तुत सूक्ति, कहावत, वाक्यांश आदि का विस्तार करके प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें ‘गागर में …

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नालन्दा विश्वविद्यालय पर निबंध हिंदी में पढ़ें।

भारत का दूसरा प्रसिद्ध विश्वविद्यालय पटना के दक्षिण पश्चिम में 40 मील की दूरी पर आधुनिक बड़गांव में नालंदा के नाम से प्रसिद्ध था। इसका विकास पांचवी सदी के मध्य में गुप्त राजाओं के दान से हुआ था।   शकादित्य ने संभवत एक बिहार की स्थापना करके नालंदा की नींव …

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पंडित जवाहर लाल नेहरू पर निबंध – Jawaharlal Nehru Essay in Hindi

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के विकास और आधुनिक भारत के निर्माण में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अनुपम देन है। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रसेवा में अर्पित कर दिया था।   उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था। इनके पिता पंडित मोतीलाल नेहरू इलाहाबाद में चोटी के वकील माने जाते थे। इकलौते …

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